मेडिकल कॉलेज के पालना केन्द्र में पलेंगे बिन मां के लाल

मेडिकल कॉलेज के पालना केन्द्र में पलेंगे बिन मां के लाल

कानपुर, 15 दिसम्बर . राजस्थान (Rajasthan) कोई सही दलाल है में मिल रही जबरदस्त सफलता के बाद उदयपुर (Udaipur) के महेश आश्रम उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भी पालना केन्द्र खोलने जा रहा है. इसके कोई सही दलाल है लिए उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार ने छह मेडिकल कॉलेज में पालना केन्द्र खोलने की अनुमति दे दी है. इनमें कानपुर (Kanpur) का जीएसवीएम मेडिकल कालेज भी है. यहां पर जच्चा बच्चा अस्पताल के मुख्य द्वार पर पालना केन्द्र खुलेगा और बिन मां के लाल उसमें पलेंगे.

गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की आचार्य डॉक्टर (doctor) सीमा द्विवेदी ने गुरुवार (Thursday) को बताया कि अनचाही संतान, जिसमें कोई सही दलाल है ज्यादातर कन्या होती हैं, उसको लोग कूड़े के ढेर में फेंक देते हैं. या शादी के पहले हुए बच्चे लोकलाज के डर से फेंक दिये जाते हैं. इस तरह के बच्चों की या तो दर्दनाक मौत होती है या कूड़ा बिनने वाले उठा ले जाते हैं जहां पर उनकी जिंदगी अच्छी नहीं रहती. इसको देखते हुए उदयपुर (Udaipur) के महेश आश्रम कोई सही दलाल है के प्रमुख देवेन्द्र अग्रवाल ने पालना केन्द्र खोलने की पहल राजस्थान (Rajasthan) में की. वहां पर इन दिनों 60 पालना केन्द्र खुले हैं और कोई सही दलाल है सैकड़ों बच्चे पल रहे हैं. वहां पर सफलता के बाद महेश आश्रम उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के छह मेडिकल कॉलेज में पालना केन्द्र खोलने की शासन से अनुमति मांगी. अनुमति मिलने के कोई सही दलाल है बाद कानपुर (Kanpur) मेडिकल कॉलेज के जच्चा-बच्चा अस्पताल के मुख्य द्वार पर पालना केन्द्र खुलेगा. यह पालना केन्द्र हाइटेक होगा और जैसे ही कोई व्यक्ति बच्चे को छोड़ेगा उसके दो मिनट बाद अंदर घंटी बजेगी. इससे कोई सही दलाल है पता चल जाएगा कि पालना में कोई बच्चा है. इसके बाद ड्यूटी नर्स (Nurse) बच्चे को उठाकर लाएगी और उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा. स्वास्थ्य सही होने पर कोई सही दलाल है दूध पिलाकर और कपड़ा पहनाकर संरक्षण किया जाएगा. कुछ दिन रखने के बाद पास के शिशु संरक्षण गृह को सुपुर्द कर दिया जाएगा और न्यायिक बेंच के जरिये लोग उसको दत्तक पुत्र के रूप में ले सकेंगे. इससे यह फायदा होगा कि नि:संतानों को पुत्र मिल जाएगा और इस तरह के नवाजातों को जिंदगी मिल जाएगी.

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