Mahindra Manulife Equity Savings Dhan Sanchay Yojana Direct - Growth

Fund Key Highlights
1. Current NAV: The Current Net Asset Value of the Mahindra Manulife Equity Savings Dhan Sanchay Yojana - Direct Plan as of @@[email protected]@ is Rs @@[email protected]@ for Growth option of its Direct plan.
2. Returns: Its trailing returns over different time periods are: -0.1% (1yr), 13.34% (3yr), 9.42% (5yr) and 10.19% (since launch). Whereas, Category returns for the same time duration are: 0.07% (1yr), 8.49% (3yr) and 6.49% (5yr).
3. Fund Size: The Mahindra Manulife Equity Savings Dhan Sanchay Yojana - Direct Plan currently holds Assets under Management worth of Rs 443.79 crore as on Sep 30, 2022.
4. Expense ratio: The expense ratio of the fund is 0.62% for Direct plan as on Sep 30, 2022.
5. Exit Load: Mahindra Manulife Equity Savings Dhan Sanchay Yojana - Direct Plan shall attract an Exit Load, "For units in excess of 10% of the investment,1% will be charged for redemption within 12 months"
6. Minimum Investment: Minimum investment required is Rs 1000 and minimum additional investment is Rs 1000. Minimum SIP investment is Rs 500.

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About Fund
1. Mahindra Manulife Equity Savings Dhan Sanchay Yojana - Direct Plan is संचय वितरण संकेतक क्या है? Open-ended Equity Savings Hybrid scheme which belongs to Mahindra Manulife Mutual Fund House.
2. The fund was launched on Feb 01, 2017.

Investment objective & Benchmark
1. The investment objective of the fund is that " The Scheme seeks to generate long term capital appreciation and also income through investments in equity and equity related instruments, arbitrage opportunities and investments in debt and money market instruments. "
2. It is benchmarked against NIFTY Equity Savings Total Return Index.

Asset Allocation & Portfolio Composition
1. The asset allocation of the fund comprises around 46.56% in equities, 24.37% in debts and 29.07% in cash & cash equivalents.
2. While the top 10 equity holdings constitute around 35.27% of the assets, the top 3 sectors constitute around 28.36% of the assets.
3. The fund largely follows a Growth oriented style of investing and invests across market capitalisations - around 0.संचय वितरण संकेतक क्या है? 0% in giant & large cap companies, 0.0% in mid cap and 0.0% in small cap companies.
4. The portfolio allocation of debt securities primarily have 2 kinds of risks: interest rate risk & credit risk. While the interest rate movements are driven by the fund's duration, credit quality of debt securities are based on the weighted average credit ratings of a fund. Generally, funds with high credit quality will have the weighted average credit rating of AA- and higher rated securities, funds with medium credit quality will hold securities having credit rating lying between A- to BBB- and funds with low credit quality will hold securities having average credit rating of less than BBB-. Credit rating is a qualitative tool that basically assesses the creditworthiness and financial soundness of a company and takes into consideration several factors including the default rate and solvency of the concerned business entity.

Tax Implications
Hybrid funds which usually invest 65% or more in equity & equity related instruments will be taxed like Equity funds and those which invest less than 65% in equity & equity related instruments will be taxed like Debt funds. Generally, tax implications are based on the average asset allocation of the last 12 months where the fund has invested. However, since the market is dynamic and asset allocation towards equity may increase or decrease depending on the prevailing market & economic conditions. So, संचय वितरण संकेतक क्या है? the tax treatment of the given fund will vary accordingly and will be determined by its asset allocation. Below are the tax implications from equity as well as debt side:

Equity side:
1. Gains are taxed at a rate of 15% (Short-term Capital Gain Tax - STCG) if units are redeemed within 1 year of investment.
2. For units redeemed after 1 year of investment, gains of upto Rs. 1 lakh accruing from those units in a financial year shall be exempted from tax.
3. Gains of more than Rs. 1 lakh will be taxed at a rate of 10% (Long-term Capital Gain Tax - LTCG).

Debt side:
1. If units are redeemed within 3 years of investment, the whole amount of gain will get added to the investor's income and will be taxed as per his/her applicable slab rate.
2. For units redeemed after 3 years of investment, gains will be taxed at a rate of 20% post indexation benefits. Indexation is a process of recalculating the purchase price after accounting for inflation into it. The benefit of indexation lies in lowering down one's capital gains which brings down the taxable income and thereby reduces taxes on it.

Taxes on Dividend income:
1. For Dividend Distribution Tax, the dividend income from this fund will get added to the income of an investor and taxed according to his/her respective tax slabs.
2. Also, संचय वितरण संकेतक क्या है? for dividend income in excess of Rs 5,000 in a financial year; the fund house shall deduct a TDS of 10% on such income.

लेखांकन संगठन

सचिव (खाद्य और सार्वजनिक वितरण), उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के मुख्य लेखांकन प्राधिकारी हैं और मुख्य लेखा नियंत्रक उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के लेखांकन संगठन के प्रमुख हैं। लेखांकन संरचना का संगठन चार्ट नीचे प्रस्तुत चार्ट में दर्शाया गया है:-

मुख्य लेखा नियंत्रक विभागीय लेखांकन संगठन का समग्र प्रभारी है और निम्न कार्यों के लिए ज़िम्मेदार है:-

  • वेतन और लेखा कार्यालयों के माध्यम से प्री-चेक के पश्चात सभी भुगतान की व्यवस्था करना।
  • जिन मामलों में भुगतान कार्य विभागीय अधिकारी के अधीन होता है, उन सभी मामलों में ‘पोस्टव-चेक ऑफ पेमेंट’ सुनिश्चित करना।
  • खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के लेखों का मासिक तथा वार्षिक संकलन एवं समेकन और महालेखा नियंत्रक को इन्हें प्रस्तुत करना।
  • खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के संबंध में मासिक एवं वार्षिक (विनियोजन लेखों, वित्तीसय लेखों और एससीटी) वित्तीय विवरण तैयार करना।
  • भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से राज्य सरकारों को ऋण एवं अनुदान का भुगतान करना और समय पर ऋणों की वापसी और ब्याज की प्राप्ति सुनिश्चित करना।
  • विभाग की सभी रसीदों का लेखांकन।
  • खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के विभिन्न फील्ड कार्यालयों और वेतन एवं लेखा कार्यालयों द्वारा रखरखाव किए जा रहे वेतन एवं लेखा रिकार्डों की आंतरिक लेखा-परीक्षा करना।
  • विभाग द्वारा जैसे और जब दिए गए निर्देशों के अनुसार फील्ड कार्यालयों तथा अनुदान ग्राही संस्थानों की विशेष लेखा-परीक्षा करना।
  • समय पर पेंशन भुगतान आदेश जारी करना और सामान्य भविष्य निधि के अंतिम भुगतान सहित सेवा निवृत्ति लाभों का भुगतान सुनिश्चित करना।
  • नेशनल सिक्योरिटीज़ डिपोज़िटरी लिमिटेड को नई पेंशन स्कीम के अंशदान का समय पर प्रेषण सुनिश्चिवत करना।
  • मुख्य लेखा नियंत्रक लेखांकन संगठन के लिए विभागाध्यक्ष की शक्तियों का प्रयोग करता है और प्रधान लेखा कार्यालय (प्रशासन) के माध्य म से प्रशासनिक एवं समन्वय कार्यों से संबंधित संवर्ग और महालेखा नियंत्रक के नीतिगत निर्देश के अधीन प्रशिक्षण, प्रोन्नति, स्थायीकरण, स्थाननांतरण, गोपनीय रिपोर्ट डोज़ियर के रखरखाव, अनुशासनात्म्क और न्यायिक मामले, अवकाश आदि से संबंधित सभी मामलों का प्रबंधन करता है।

भुगतान और लेखांकन कार्यों का निष्पादन दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता और चेन्नै स्थित चार वेतन एवं लेखा कार्यालयों के माध्याम से किया जा रहा है। विभाग से संबंधित सभी भुगतान वेतन एवं लेखा कार्यालयों के माध्याम से किया जाता है। आहरण एवं संवितरण अधिकारी अपने दावे/बिल निर्दिष्ट वेतन एवं लेखा अधिकारी (पीएओ) को प्रस्तुत करते हैं जो आवश्यक जांच करने के बाद चेक/ई-भुगतान जारी करता है। एक आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) को चेक ड्रॉ करने की शक्तियां प्रदान की गई हैं। वेतन एवं लेखा कार्यालय वे फील्ड यूनिटें हैं जहां लेखांकन प्रक्रिया शुरू की जाती है। वाउचर और बैंक स्क्रोल लेखों के संकलन के लिए आधार प्रस्तुत करते हैं।

प्रधान लेखा कार्यालय सभी पीएओ की गतिविधियों के समन्व‍य और नियंत्रण में महत्वूपर्ण भूमिका निभाता है। प्रधान लेखा कार्यालय पीएओ द्वारा प्रस्तुत मासिक लेखों, फ्लैश फिगर्स, मासिक आधार पर मासिक डीओ और विनियोजन लेखों की तैयारी, केंद्रीय लेन-देन संबंधी विवरण, जर्नल एंट्री के लिए वित्तीय लेखों का विवरण आदि के समन्वयन के लिए भी जिम्मेदार है। प्रधान लेखा कार्यालय लेखांकन संगठन के सभी प्रशासनिक तथा समन्वय कार्यों का निष्पा‍दन करता है जिसमें क्षेत्रीय वेतन और लेखा कार्यालयों को तकनीकी सलाह देना भी शामिल है।

वेतन एवं लेखा कार्यालय

वेतन एवं लेखा कार्यालय निम्न लिखित कार्यों का निष्पादन करते हैं:-

  • प्री-चेक और बिलों को पास करना तथा भुगतान के लिए चेक जारी करना।
  • सही पोस्टिंग सुनिश्चित करने के लिए संकलन शीट/वाउचर बुक में वर्गीकरण चेक करना।
  • मासिक लेखों को तैयार करना और उन्हें प्रस्तुत करना।
  • पेंशन और अन्यो सेवा निवृत्ति लाभों, सामान्य भविष्य निधि, संचय वितरण संकेतक क्या है? छुट्टी नकदीकरण, सीजीईजीआईएस आदि का अंतिम निपटान।
  • ऋण जमा राशि और प्रेषण शीर्षों के अंतर्गत बैंक समाधान और शेष राशि की समीक्षा करना।
  • एमआईएस और अन्य रिपोर्ट तथा रिटर्न तैयार करना और उन्हें संबंधित कार्यालयों को प्रस्तुत करना।

ई-लेखा महा लेखानियंत्रक कार्यालय, वित्त मंत्रालय संचय वितरण संकेतक क्या है? द्वारा अपनाई गई एक ई-गवर्नेंस पहल है। इसके अंतर्गत सभी वेतन एवं लेखाधिकारी दैनिक आधार पर ई-लेखा वैबसाइट पर लेखों के संचय वितरण संकेतक क्या है? दैनिक आंकड़े अपलोड कर रहे हैं। मंत्रालय के व्यय और प्राप्ति का विवरण वैबसाइट cga.nic.in पर ई-लेखा लिंक से देखा जा सकता है।

परिभाषित अंशदायी पेंशन स्कीम

परिभाषित अंशदायी पेंशन स्कीम भारत सरकार द्वारा 1.1.2004 से शुरू की गई एक नई संचय वितरण संकेतक क्या है? पेंशन स्कीम है, जिसे सभी मंत्रालयों में कार्यान्वित किया गया है। मंत्रालय के सभी वेतन एवं लेखाधिकारी और सीडीडीओ एनएसडीएल के न्यानसी बैंक में अंशदाता का अंशदान प्रेषित कर रहे हैं और एनएसडीएल की वैबसाइट पर अंशदाता की अंशदान फाइलें नियमित रूप से अपलोड की जा रही हैं। दिनांक 31.12.2014 की स्थिति के अनुसार खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग में नई पेंशन स्कीम के अंतर्गत 99 अंशदाता हैं।

ई-भुगतान

महालेखा नियंत्रक, वित्तीय मंत्रालय ने इलेक्ट्रानिक भुगतान (ई-पेमेंट थ्रू डिजिटली साइन्ड इलेक्ट्रानिक एडवाइसेज़) के लिए काम्पैक्ट् सुविधा का विकास किया है। यह सुविधा चेक के जरिए भुगतान की मौजूदा प्रणाली को धीरे-धीरे समाप्त करते हुए केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों/विभागों के वेतन एवं लेखा कार्यालयों में चल रहे काम्पैक्ट एप्लीकेशन का लाभ प्रदान कर रही है।

ई-भुगतान प्रणाली एक पूर्ण रूप संचय वितरण संकेतक क्या है? से सुरक्षित वैब-आधारित इलेक्ट्रानिक भुगतान सुविधा है जिसने सरकारी भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता की शुरूआत की है। इस प्रणाली के अंतर्गत सरकार संचय वितरण संकेतक क्या है? से भुगतान एक सुरक्षित संचार चैनल पर ‘गवर्नमेंट ई-पेमेन्ट गेट-वे (जीईपीजी)’ के ज़रिए काम्पैक्ट द्वारा सृजित डिजीटली साइन्ड एडवाइज़ के संचय वितरण संकेतक क्या है? माध्यम से सीधे प्राप्तकर्ता के बैंक अकाउंट में पैसे क्रडिट द्वारा अंतरित हो जाता है।

गवर्नमेंट ई-पेमेन्टं गेट-वे (जीईपीजी) एक ऐसा पोर्टल है जो ऑनलाइन भुगतान लेन-देन के लिए वेतन एवं लेखा कार्यालयों से भुगतान संबंधी सेवाओं की सफल डिलीवरी करता है। जीईपीजी वेतन एवं लेखा कार्यालयों में काम्पैइक्ट एप्लीकेशन और बैंकों/भारतीय रिजर्व बैंक के कोर-बैंकिंग सोल्यू शन (सीबीएस) के बीच एक मध्येस्थ‍ के रूप में कार्य करता है, जिसमें मैनुअल पंजीकरण प्रक्रिया, ई-भुगतान एडवाइस और ई-स्क्रोमल कम्युधनिकेशन के स्चलचालन भी शामिल हैं।

सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस)

सार्वजनिक वित्‍तीय प्रबंधन प्रणाली योजना आयोग की एक केंद्रीय क्षेत्र योजना स्‍कीम है जिसे महालेखा नियंत्रक के कार्यालय द्वारा कार्यान्‍वित किया जा रहा है। इस स्‍कीम का लक्ष्‍य भारत सरकार की योजना स्‍कीमों के लिए एक उपयुक्‍त ऑनलाइन प्रबंधन सूचना प्रणाली और निर्णय सहायता प्रणाली (डिसीशन सपोर्ट सिस्‍टम) की स्‍थापना करना है। इस प्रणाली में योजना स्‍कीमों के अंतर्गत भारत सरकार से अंतिम लाभभोगी तक निधि के संवितरण को ट्रैक करना और अंतत: रियल टाईम आधार पर कार्यान्‍वयन के विभिन्‍न स्‍तरों पर निधि के उपयोग से संबंधित रिपोर्ट प्रस्‍तुत करना परिकल्‍पित है। इसका उद्देश्‍य केवल प्‍लान स्‍कीमों की निगरानी को अधिक प्रभावकारी बनाना ही नहीं बल्‍कि सार्वजनिक वित्‍तीय प्रबंधन कार्यक्षमता में वृद्धि करना भी है।

रिपोर्टें

निम्न्लिखित रिपोर्टें वेतन एवं लेखा कार्यालयों द्वारा प्रस्तुमत आंकड़ों के आधार पर प्रधान लेखा कार्यालय में तैयार की गई है :-

एक प्रत्यागामी पंप का संकेतक आरेख किस के बीच का आलेख है?

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The Rajasthan Public Service Commission (RPSC) has declared the Interview Result and Cut Off for RPSC Lecturer Tech Edu (Mathematics Lecturer) recruitment exam. The Rajasthan Public Service Commission had released 39 vacancies in 7 subjects for the post of Lecturer for the Technical Education Department. The RPSC Lecturer selection process consists of a written examination (objective type) and an interview. The candidates can check their RPSC Lecturer Tech Edu Result from here.

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एचएमआरडी गिरिराज सिंह ने बेंगलुरु के कुंबलगोडु में #कर्नाटक के माननीय मुख्यमंत्री श्री बसवराज बोम्मई की उपस्थिति में एनएआरडी और स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरयूडीएसईटी) - एनएआर के नए परिसर का उद्घाटन किया, 10 दिसंबर, 2022

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Amrit Sarovar Mission

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NRLM

PMGSY

NSAP

SAGY

DDUGKY

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